‘द कश्मीर फाइल्स’ फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का बड़ा बयान, जानें-क्या दी प्रतिक्रिया…

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द कश्मीर फाइल्स फिल्म देखने के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सेंसर बोर्ड और फिल्म के डायरेक्टर पर सवाल उठाया है, उन्होंने कहा है कि दिमाग बोझिल हो गया, इसमें सिर्फ हिंसा दिखाई गई है।

रायपुर। देश में इन दिनों फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को लेकर जमकर चर्चा हो रही है। इसी बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस के नेताओं ने पूरा शो बुक करके देखा है। फिल्म देखने के लिए सीएम भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत के साथ कई कैबिनेट मंत्री और कांग्रेसी नेता मैग्नेटो मॉल पहुंचे थे। पूरी फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की फिल्म को लेकर बीजेपी पर बोला हमला
दरअसल कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर बनी फिल्म को लेकर सीएम ने मीडिया से बातचीत के दौरान बीजेपी पर जमकर हमला बोला और फिल्म के डायरेक्टर और सेंसर बोर्ड को भी आड़े हाथ लिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिक्चर आधी अधूरी है, पूरा सच नहीं बताया गया है, कोई संदेश देने की कोशिश नहीं की गई, केवल हिंसा को दिखाया गया है। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि कश्मीर में जो आतंकवादी घटनाएं हुई उस पर बनाई गई फिल्म है। जिसमें एक परिवार की घटना है।

‘विस्थापन के दौर में बीपी सिंह थे पीएम’
सीएम ने आगे बीजेपी पर निशाने साधते हुए कहा कि इस पिक्चर में एक राजनीति संदेश देने की कोशिश की गई है। कश्मीरी पंडितों का जिस समय विस्थापन हुआ, यह 1989-90 का दौर था। बीपी सिंह जी प्रधानमंत्री थे, बीजेपी के नेता अटल बिहारी वाजपेई जी और लाल कृष्ण आडवाणी जी नेतृत्व कर रहे थे। राज्यपाल ने कश्मीरी पंडित को रोकने का प्रयास नहीं किया बल्कि कश्मीरी पंडित को उन्होंने जाने के लिए कहा और वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया। लेकिन वहां सेना भेजी नहीं गई थी। सेना तब भेजी गई जब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने लोकसभा में घेराव करते हैं।

‘आर्टिकल 370 हटाकर केवल राजनीति हुई’
आगे फिल्म को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भी कश्मीरी पंडित की समस्या वही है। आर्टिकल 370 हटा दिया गया लेकिन उनको बसाने का काम नहीं हो रहा है. जब अटल जी की सरकार थी तब भी नहीं हुआ, जब मोदी की सरकार आई तब भी नहीं हो रहा है. 370 हटे कितने दिन हो गए लेकिन किसी को बसाने की कोशिश नहीं की गई। इस सरकार ने भी 370 हटा कर केवल राजनीति की है। मुख्यमंत्री बघेल ने आरोप लगाया कि 370 हटा तो बोले कि कश्मीर में जमीन लेंगे। कश्मीरी पंडितों को जो सहायता देनी चाहिए वो नहीं मिली, पेंशन नहीं बढ़ाई गई।

सेंसर बोर्ड और फिल्म के डायरेक्टर पर उठाया सवाल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फिल्म के डायरेक्टर पर सवाल उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फिल्म में भी कोई समाधान नहीं दिखाया गया। जब कोई फिल्म बनाते हैं किसी समस्या को उठाते हैं। डायरेक्टर समाधान भी बताते हैं, लेकिन डायरेक्टर ने समाधान नहीं बताया केवल एक लेक्चर दिया गया है। द कश्मीर फाइल्स में निश्चित रूप से हिंसा दिखाई गई है। किसी बच्चे के मन में अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हम लोग भी देखें तो दिमाग बोझिल हो गया। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि लगातार गोली, हिंसा, विभत्स दृश्य दिखाया गया है। इसके अलावा सेंसर बोर्ड पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले कि सेंसर बोर्ड की तो आजकल कोई महत्व रहा नहीं है। किस पिक्चर को दिखाना है? किस को नहीं दिखाना है? उसके बारे में कोई कमेंट करने का औचित्य रहा नहीं है।

फिल्म के डायरेक्टर प्रधानमंत्री से मिले तो क्यों नहीं की टैक्स फ्री करने की मांग- मुख्यमंत्री बघेल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ बीजेपी की मांग पर करारा पलटवार किया है। फिल्म के डायरेक्टर ने मुझे भी टैक्स फ्री के लिए अपील किया था। फिल्म के डायरेक्टर प्रधानमंत्री से मिले तो देश भर में टैक्स फ्री करने की मांग करते, क्यों नहीं की? आधा सच दिखाया गया है, हालांकि हीरो कृष्णा है उसके भाषण में सारी बातें कह दी जाती है। जो भी भारत के प्रति सद्भावना रखते हैं। अपने आप को भारतीय समझते हैं। वह चाहे सिख, बुद्धिस्ट, मुस्लिम हो सब की हत्या हुई है। मंदिर भी तोड़ गए मस्जिद भी तोड़े गए। आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, धर्म की आड़ में हिंसा करते हैं और इसकी राजनीति को हम लोगों को समझना होगा।

‘बीजेपी इस फिल्म से 2024 को तैयारी कर रही’
मुख्यमंत्री बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये लोग इस फिल्म से यह राजनीति करना चाहते हैं, इसके माध्यम से 2024 की तैयारी कर रहे हैं. बहुत गलत दिशा में देश को ले जाने वाली बात है. उस समस्या का समाधान ढूंढना जाना चाहिए। कश्मीरी पंडितों को वापस बसाने के लिए भारत सरकार ने कुछ नहीं किया और उनको जो पेंशन मिलता है उसमें कोई वृद्धि नहीं की गई. सीएम आगे कहा कि इस फिल्म में उस प्रकार की संदेश देने की कोशिश की गई है, लेकिन मुझे लगता है वह सफल नहीं होंगे।

‘बीजेपी के मंत्री आतंकवादियों को छोड़ने जाते थे’
छत्तीसगढ़ के मुखिया ने कहा कि ऐसी हिंसक पिक्चर दिखाने से समाज में कोई अच्छा प्रभाव नहीं पड़ेगा। जो घटना घटी है उसकी मैं निंदा करता हूं, जितने बार मौका मिलेगा उतने बार निंदा करूंगा। आतंकवाद का कभी भी कोई समर्थन नहीं हो सकता, लेकिन एक तरफा दिखाया जाना यह उचित नहीं है। इन्हीं के शासनकाल में इन्हीं के समर्थन में सब कुछ हुआ। सीएम ने कहा कि इनके गृह मंत्री की बेटी को छुड़ाने के लिए आतंकवादी को छोड़ा जाता है। उनके मंत्री तक टेरेरिस्ट को छोड़ने गए थे। जो बाद में भारत में कितनी हिंसा हुई थी उसका खामियाजा हम लोग भुगते हैं। बीजेपी के समर्थन में जो सरकार बनी तब इनके मंत्री आतंकवादियों को छोड़ने गए थे।

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