आदिवासियों के आस्था केन्द्र परलकोट होगा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित : सीएम बघेल

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  • आगामी नवम्बर माह से कोदो-कुटकी और रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी, मिलिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था होगी
  • आदिवासी अंचलों में सिंचाई सुविधा में विस्तार के लिए सरपंच नरवा योजना के अंतर्गत नदी-नालों की वाटर रिचार्जिंग के प्रस्ताव तैयार करें
  • मुख्यमंत्री ने हल्बा आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मण्डल ने चर्चा के दौरान की घोषणा

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मंगलवार शाम अपने निवास कार्यालय में हल्बा आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मण्डल से चर्चा के दौरान आदिवासियों के आस्था के केन्द्र बड़ेडोंगर और अमर शहीद गैंद सिंह की कर्मस्थली परलकोट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शहीद गैंद सिंह की जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।

बघेल ने हल्बा आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मण्डल से चर्चा के दौरान शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की मैदानी स्थिति की जानकारी ली और उनसे आदिवासी समाज के उत्थान और क्षेत्र के विकास के संबंध में सुझाव मांगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पहली बार कोदो-कुटकी और रागी का समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। आगामी नवम्बर माह से इनकी खरीदी, मिलिंग और मार्केटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इस अवसर पर लोकसभा सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया भी उपस्थित थी।

मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि आदिवासी अंचलों में सिंचाई सुविधा बढ़ाने के लिए सरपंचों के माध्यम से उनके क्षेत्र के नदी-नालों में वाटर रिचार्जिंग के लिए नरवा योजना के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार कराए जाएं। इससे इन क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा बढ़ेगी और भू-जल स्तर भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी-नालों में वाटर रिचार्जिंग के लिए नरवा योजना प्रारंभ की गई है।

छत्तीसगढ़ में लगभग 30 हजार नाले हैं। जिन पर एनीकट, स्टाप डेम सहित छोटी-छोटी संरचनाएं बनाकर जल संवर्धन और संरक्षण के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस साल लगभग 1200 नालों में संरचनाएं बनाई गई है। जिससे लगभग 2 लाख एकड़ में सिंचाई सुविधा मिल रही है। चर्चा के दौरान प्रतिनिधि मण्डल में शामिल लोगों ने वनांचल क्षेत्र के नदी-नालों पर एनीकट निर्माण कराने का आग्रह किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लोगों की आय में वृद्धि और उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर से बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कर्जमाफी, धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, तेंदूपत्ता पारिश्रमिक दर में वृद्धि, 52 लघु वनोपजों की खरीदी और उनमें वैल्युएडिशन जैसी योजनाओं से लोगों की आय में वृद्धि हो रही है। उन्होंने गोधन न्याय योजना और राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का भी उल्लेख किया।

बघेल ने कहा कि प्रतिनिधि मण्डल से यह आग्रह भी किया कि वे अपनी सामाजिक बैठकों में जरूरतमंद मरीजों के इलाज, बच्चों की शिक्षा और लोगों को रोजगार से जोड़ने जैसे विषयों को प्राथमिकता के साथ शामिल करें।

उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को वन अधिकार मान्यता पत्र दिलाने के लिए समाज को भी प्रयास करना चाहिए। लोकसभा सांसद दीपक बैज, राज्यसभा सांसद छाया वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया ने भी प्रतिनिधिमंडल को सम्बोधित किया।

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