वनांचल के विकास में बस्तर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका : उद्योग मंत्री लखमा

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बस्तर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए जमीन आबंटन और आदिवासी संग्रहालय की स्थापना के लिए कार्यवाही प्रक्रियाधीन

 रायपुर- उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने कहा है कि राज्य के बस्तर अंचल के लोगों की दिक्कतों और समस्याओं को समझकर उनकी तकलीफ दूर करने के लिए ही बस्तर विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है। वनांचल के विकास में इस मंच की महत्वपूर्ण भूमिका है। बैठक में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुरूप बस्तर के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल निर्माण के लिए जमीन आबंटन और निर्माण सहित आदिवासी संग्रहालय स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री लखमा आज दंतेवाड़ा जिले के जावंगा आडिटोरियम में आयोजित बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रभारी मंत्री कवासी लखमा ने बैठक में किसानों को सिंचाई सुविधा दिलाने के लिए उनके नलकूपों का समय-सीमा पर विद्युत कनेक्शन देने, सुराजी गांव योजना के गौठानों में आर्थिक गतिविधियां संचालित किए जाए, जिसमें महिला समूहों को जोड़ने, वनांचल के युवाओं को लघु वनोपज संग्रहण और प्रसंस्करण सहित विभिन्न कार्यों में रोजगार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान देने, सभी पात्र लोगों को वनाधिकार मान्यता पत्र देने, जल जीवन मिशन के कार्यों में और अधिक गति लाने संबंधी बातें कही। इसके साथ ही उन्होंने जल जीवन मिशन के पूर्ण कार्यों को स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवलोकन कराने के भी निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री लखमा ने बैठक में शहीद वीर नारायण सिंह स्वावलंबन योजना की प्रगति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के नलकूपों के ऊर्जीकरण, नलकूप खनन कार्य, सिंचाई नलकूप एवं चैन लिंक फैनसिंग कार्य तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग को वनोपज, कृषि उपज आधारित प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की स्वीकृति के संबंध में चर्चा की। उन्होंने निर्माण कार्यों की समीक्षा में प्राधिकरण मद से वर्ष 2004 से 2021-22 तक स्वीकृत अपूर्ण कार्यों को जल्द पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सभी समाजों के लिए भवनों की स्वीकृति तथा जमीन आबंटन की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के जिलों में सांस्कृतिक धरोहरों एवं आदिवासी संस्कृति के अभिलेखीकरण के कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करवाएं। साथ ही दर्शनीय, ऐतिहासिक, धार्मिक, पर्यटन स्थलों के पर्यावरणीय संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को पर्यटन समिति के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। विधायक चंदन कश्यप, अनुप नाग और श्रीमती देवती कर्मा ने भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को बैठक में रखा। मनोनीत सदस्यों और जिला पंचायत अध्यक्षों ने भी अनेक उपयोगी सुझाव दिए। बैठक में प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, उपाध्यक्ष विक्रम मण्डावी, सांसद बस्तर दीपक बैज, कांकेर सांसद मोहन मंडावी, संसदीय सचिव रेखचन्द जैन और शिशुपाल शोरी, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष चंदन कश्यप, विधायक श्रीमती देवती कर्मा, राजमन बेंज़ाम, अनुप नाग उपस्थित थे। 

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