महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान के लिए खिलाड़ियों से आवेदन आमंत्रित

SHARE THE NEWS
  • जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2021
  • चयनित खिलाड़ियों को एक लाख रूपए नगद के साथ अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र से किया जाएगा सम्मानित

रायपुर। राज्य शासन द्वारा तीरंदाजी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य स्थापना दिवस के दिन 01 नवंबर को महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में उन्हें  01 लाख रूपए नगद, अलंकरण फलक एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

संचालनालय खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा सर्वोच्च खिलाड़ियों से महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान 2021-22 के लिए अनुशंसाए आमंत्रित की गई है। अनुशंसाए जमा करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2021 निर्धारित है। इच्छुक खिलाड़ी अपना आवेदन खेल एवं युवा कल्याण, सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, जी.ई. रोड, रायपुर अथवा खेल एवं युवा कल्याण के जिला कार्यालयों में निर्धारित तिथि में कार्यालयीन दिवस एवं समय पर प्रस्तुत कर सकते हैं।

खेल एवं युवा कल्याण संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार महाराजा प्रवीरचंद भंजदेव सम्मान ऐसे पात्र खिलाडियों को दिए जाएंगे जिन्होनें वर्ष 2020-21 में तीरंदाजी की राष्ट्रीय चौम्पियनशिप (सीनियर वर्ग) या राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ की ओर से भाग लेते हुए स्वर्ण, रजत या कास्य पदक प्राप्त किया हो या तीरंदाजी की अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व किया हो।

यदि तीरंदाजी में उपरोक्त उपलब्धियों वाले खिलाड़ी किसी वर्ष में नहीं मिले तो उस वर्ष अन्य ऐसे खेल जिन्हे भारत सरकार युवा कार्य और खेल मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर के खेल पुरस्कार हेतु विचार क्षेत्र में लेता है, के खिलाड़ियों को जिन्होंने उपरोक्तानुसार उपलब्धि प्राप्त की है, सम्मान हेतु चयन के लिए विचार में लिए जाएंगे।

इस सम्मान के लिये उन खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर विचार किया जाएगा, जो छत्तीसगढ़ का स्थानीय निवासी है या उपलब्धि एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य की किसी मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था में नियमित अध्ययनरत है या उपलब्धि एवं पुरस्कार वर्ष में छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय, अर्द्धशासकीय अथवा सार्वजनिक उपक्रम में निरंतर कार्यरत है। सम्मान हेतु वर्ष की गणना 01 अप्रैल से 31 मार्च तक होगी।

यह सम्मान विभाग के अन्य खेल पुरस्कारों के अलावा होगा जो खिलाड़ी को उसकी उपलब्धि के लिये दिया गया है, लेकिन तीरंदाजी में गुण्डाधुर सम्मान से अलंकृत खिलाड़ी इस सम्मान को प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं होगे। यह सम्मान किसी खिलाड़ी को उसके जीवनकाल में केवल एक बार ही दिया जाएगा।

यदि किसी खिलाड़ी या दल को उपलब्धि वर्ष या सम्मान वर्ष में मान्यता प्राप्त खेल संगठन द्वारा राज्य या राष्ट्रीय चौम्पियनशिप से निष्कासित किया गया तो उसे संबंधित वर्ष के लिए यह सम्मान प्राप्त करने की पात्रता नहीं होगी।

महाराजा प्रवीरचंद भजदेव सम्मान के लिए उपरोक्त नियमों की विस्तृत जानकारी खेल विभाग के जिला स्तरीय कार्यालयों में भी देखा जा सकता है तथा निर्धारित प्रपत्र का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट www.sportsyw.cg.gov.in  में आवेदन का प्रारूप प्राप्त किया जा सकता है।

 450 Views,  4 

Leave a Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: