डीमोनोटाइजेशन और मोनोटाइजेशन पीएम मोदी के जुड़वां बच्चे : अजय माकन

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रायपुर: गुरुवार को रायपुर पहुंचे पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला । नेशनल मोनेटाजेशन पाइपलाइन को लेकर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के जरिए देश को लूट रही है ।

अजय माकन की प्रेस कॉन्फ्रेंस रायपुर के राजीव भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन के साथ सीएम भूपेश बघेल भी मौजूद रहे । अजय माकन ने प्रेस

कॉन्फ्रेंस में कहा कि डीमोनोटाइजेशन और मोनोटाइजेशन पीएम मोदी के जुड़वां बच्चे हैं। डीमोनोटाइजेशन से देश के गरीबों, छोटे कारोबारियों को लूटा गया.

अब मोनोटाइजेशन के जरिए देश की विरासत को लूटा जा रहा है। पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए पीएम मोदी ने ये काम किया है।

अजय माकन ने कहा कि UPA सरकार ने देश के सामरिक महत्व की चीजों को कभी मेगा सेल में नहीं लगाया। सबसे अधिक कमाई रेलवे को होती है, उसे बेचने की तैयारी की जा रही है।

12 मंत्रालयों के 20 परिसंपत्तियों का वर्गीकरण करते हुए उन्हें निजी क्षेत्र को सौंपने के लिए चिन्हित किया है। माकन ने कहा कि राज्य सरकारों की जमीनें केंद्र कौड़ियों के भाव में बेच रही है।

क्या इसकी राशि राज्य सरकारों को मिलेगी। कांग्रेस इसे लेकर देशभर में आंदोलन करेगी। 70 साल की संपत्ति केंद्र कौड़ियों के भाव बेच रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और AICC के जनरल सेकेट्ररी अजय माकन ने कहा, देश का जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते हम इस वक्त महसूस करते हैं कि सही बातें जनता के बीच में बताने की जरूरत है।

ये ऐसा वक्त है कि देश की धरोहर को, विरासत को एक तरीके से 70 साल के भीतर जनता की कमाई से खड़ी की गई संपत्ति को मेगा डिस्काउंट सेल लगाकर केंद्र की सरकार बेच रही है।

मोदी सरकार में घटा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास
माकन ने कहा कि 15 अगस्त के मौके पर पीएम मोदी बड़ी-बड़ी बातें इंफ्रास्ट्रक्चर पर कर रहे थे। मैंने मोदी सरकार की रिपोर्ट देखी जो खुद उन्होंने ही बनाई है।

इसमें इस बात का जिक्र है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में 36 लाख करोड़ रुपए साल 2012 से 2017 तक पांच सालों में खर्च हुए।

इसका औसत देखें तो हर साल करीब 7 लाख 20 हजार करोड़ रुपए विकास में खर्च हुए। इसके बाद दो सालों 2018 से 2019 के दरम्यान इस खर्च में 40 प्रतिशत गिरावट आई है। ये तब जब कोविड का काल नहीं आया था, कोविड के बाद तो और गिरावट आई है।

मोनॉपली बढ़ेगी
इस वक्त जब देश का रेलवे एयरपोर्ट, टेलीकॉम सरकार के हाथों में है। सिर्फ मुनाफा कमाना उद्देश्य नहीं होता। लोगों को सर्विस मिलती है, नौकरी मिलती है।

मगर जब कारोबारियों के हाथ में ये सर्विसेज होंगी, तो मोनोपली को बढ़ावा मिलेगा। जब सारी जरूरी सर्विस किसी एक कंपनी के हाथ में होगी तो उसकी मनमानी लोगों को झेलनी होगी।

आज सीमेंट सेक्टर में दो-तीन बड़े ब्रांड रेट तय कर लेते हैं, सरकार चाहकर भी कुछ नहीं कर पाती। अमेरिका, इंग्लैंड जैसे देशों में बैंक प्राइवेट सेक्टर के पास हैं, वहां की सरकारें भी मजबूर हो जाती हैं।

सोचिए रेलवे, एयरपोर्ट जैसी जगहों पर जब मोनोपली पैदा होगी तो क्या हाल होगा। केंद्र सरकार की वजह से अब मेगा सेल लगी है छोटे-मोटे सेक्टर का नहीं है। देश के हर सेक्टर को एक साथ प्राइवेट किया जा रहा है। हम इसका विरोध करते हैं।

किराए की बात सिर्फ झूठ
पत्रकारों ने पूछा कि केंद्र सरकार ने कुछ सर्विसेस को किराए पर देकर लाभ कमाने का दावा किया है। इस पर जवाब में अजय माकन ने कहा कि ये सिर्फ चुने हुए मित्र पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का प्रयास है।

केंद्र सरकार संपत्तियां ट्रस्ट को देंगी। ये ट्रस्ट यूनिट बनाकर उसे कारोबारियों को देंगे। ट्रस्ट नहीं, जो कारोबारी यूनिट खरीदेगा वो उसका मालिक होगा।

60 साल के लिए संपत्तियों को लीज पर देने की जो बात है कि वो मिल्कियत से कहीं कम नहीं, दो पुश्तें गुजर जाएंगी।

इसके बाद सरकार से और 60 साल के लिए बढ़ा देगी तो क्या करेंगे। किराए पर देने की बात झूठ है, संपत्तियां बेच रहे हैं और कौवडियों के भाव में बेच रहे हैं।

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